संदिग्ध बैंक खातों और बड़े ट्रांजैक्शन की होगी निगरानी, पुलिस ने बैंकों को दिए निर्देश
साइबर ठगी की रकम रोकने को मजबूत होगा पुलिस-बैंक समन्वय, संदिग्ध गतिविधि की तत्काल देनी होगी सूचना
धनबाद में बढ़ते वित्तीय साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर पुलिस ने बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय और मजबूत करने की पहल तेज कर दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में बैंक प्रबंधकों के साथ दूसरे दिन भी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण एसपी श्री एस मोहम्मद याकूब ने की। मौके पर साइबर डीएसपी श्री प्रदीप कुमार साव, निरसा एसडीपीओ श्री लिलेश्वर महतो सहित निरसा अनुमंडल के 50 से अधिक सरकारी एवं निजी बैंकों के शाखा प्रबंधक मौजूद रहे।
बैठक में म्यूल बैंक अकाउंट, संदिग्ध लेनदेन, नए खातों में अचानक बड़े ट्रांजैक्शन और साइबर ठगी की रकम के तेजी से ट्रांसफर होने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्रामीण एसपी ने बैंक अधिकारियों को ऐसे खातों की पहचान कर तत्काल पुलिस को सूचना देने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की रकम कुछ ही समय में कई खातों में ट्रांसफर हो जाती है। ऐसे में बैंक स्तर से समय पर सूचना मिलने पर ठगी की रकम को आगे जाने से रोकने और अपराधियों के नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
बैंक प्रबंधकों को नए खुले खातों पर विशेष निगरानी, खाताधारकों के फिजिकल वेरिफिकेशन और लिंक मोबाइल नंबर के सत्यापन पर जोर देने को कहा गया। साथ ही किसी इलाके से बड़ी संख्या में खाते खुलने, एक व्यक्ति द्वारा लगातार अलग-अलग लोगों के खाते खुलवाने तथा ऑनलाइन गेमिंग एवं सट्टेबाजी से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की जानकारी भी पुलिस से साझा करने का निर्देश दिया गया।
ग्रामीण एसपी ने कहा कि वित्तीय साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस और बैंकों का त्वरित समन्वय सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। धनबाद पुलिस का लक्ष्य संदिग्ध खातों की समय रहते पहचान कर साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करना है।