भिक्षाटन कर सुरक्षा गार्डों ने जताया आक्रोश, आईआईटी आईएसएम प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा

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110 सुरक्षा गार्डों की पुनर्बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर धनबाद में निकाला पैदल मार्च

धनबाद: आईआईटी आईएसएम धनबाद में पूर्व में कार्यरत सुरक्षा गार्डों की विभिन्न मांगों को लेकर सुरक्षा प्रहरी कर्मचारी संघ के नेतृत्व में मंगलवार को भिक्षाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। संघ के महामंत्री प्रभात कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों सुरक्षा गार्डों एवं श्रमिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरख राम ने की, जबकि संचालन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के सह संगठन मंत्री कृष्ण कन्हैया ने किया।कार्यक्रम की शुरुआत पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज के समीप से हुई। यहां से सुरक्षा गार्डों एवं श्रमिक प्रतिनिधियों ने पैदल मार्च निकाला, जो आईआईटी आईएसएम, पुलिस लाइन होते हुए रणधीर वर्मा चौक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और आईआईटी आईएसएम प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश जताया।संघ के महामंत्री प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि भिक्षाटन कार्यक्रम केवल आर्थिक सहयोग जुटाने के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा गार्डों की समस्याओं और उनके अधिकारों की ओर प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से कार्यरत सुरक्षा गार्डों के साथ अन्याय किया गया और बड़ी संख्या में गार्डों को रोजगार से वंचित कर दिया गया।उन्होंने कहा कि भिक्षाटन से प्राप्त राशि को व्यंग्यात्मक विरोध के रूप में आईआईटी आईएसएम के संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि यदि श्रमिकों की मेहनत और अधिकारों की अनदेखी जारी रही तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। संघ ने आईआईटी आईएसएम से जुड़े अधिकारियों पर सुरक्षा गार्डों से कथित अवैध वसूली के गंभीर आरोप भी लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
भारतीय मजदूर संघ के धनबाद जिला मंत्री धर्मजीत चौधरी ने कहा कि यदि श्रमिकों से कथित अवैध वसूली की जांच और 110 सुरक्षा गार्डों की शीघ्र पुनर्बहाली नहीं हुई तो मामले को श्रम मंत्रालय के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही।संघ की प्रमुख मांगें
110 सुरक्षा गार्डों को बैक वेजेज सहित पुनर्बहाल किया जाए।
आईआईटी आईएसएम धनबाद के सीएलआरए पंजीकरण की वैधानिकता की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई अथवा उसे रद्द करने की मांग।सुरक्षा गार्डों से कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।सुरक्षा गार्डों के पीएफ, ईएसआईसी, वेतन एवं अन्य श्रम कानूनों से जुड़े अधिकारों की जांच कर उनका भुगतान सुनिश्चित किया जाए।ठेका श्रमिकों के साथ किसी भी प्रकार के श्रम कानून के उल्लंघन एवं अन्याय पर तत्काल रोक लगाई जाए।सुरक्षा गार्डों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाया जाए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में भारतीय मजदूर संघ के झारखंड प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रमेश चौबे, धनबाद जिला मंत्री धर्मजीत चौधरी, सह मंत्री नवनीत सिंह, सह संगठन मंत्री कृष्ण कन्हैया, भवन निर्माण संघ के जिला महामंत्री प्रभाकर चौधरी, संगठन मंत्री गणेश प्रसाद साव, सुरक्षा प्रहरी कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष मनोज साव, संगठन मंत्री तेज नारायण शर्मा, रिजु साव, सह मंत्री जितेंद्र सिंह, बजरंग शर्मा, दीपक ओझा, अमित कुमार, अरविंद मिश्रा, लालजीत भारती, शेखर कुमार, श्रवण कुमार सहित सैकड़ों सुरक्षा गार्डों एवं श्रमिक प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संघ ने कहा कि सुरक्षा गार्ड अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।

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