उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती स्नेह कश्यप सहित जिले के सभी परियोजना क्षेत्रों की लेडी सुपरवाइजर (एलएस) उपस्थित रहीं।
बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों के पोषण ट्रैकर, बच्चों की उपस्थिति, मॉर्निंग स्नैक्स, हॉट कुक्ड मील, मॉड्यूलर आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने सभी लेडी सुपरवाइजरों को निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति किसी भी स्थिति में 80 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र बच्चे को नियमित रूप से पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें तथा कोई भी बच्चा पोषण आहार से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बच्चों की उपस्थिति और मॉर्निंग स्नैक्स के वितरण में अनावश्यक अंतर नहीं होना चाहिए। जितने बच्चों की उपस्थिति दर्ज हो, उसी के अनुरूप उन्हें पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उपस्थिति और मॉर्निंग स्नैक्स के वितरण में अधिक अंतर पाया गया तो संबंधित लेडी सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर वेतन से राशि की कटौती भी की जा सकती है।
डीडीसी ने कहा कि किसी भी आंगनवाड़ी सेविका को किसी पात्र लाभुक का पोषण आहार रोकने का अधिकार नहीं है। यदि किसी केंद्र पर ऐसी शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित लेडी सुपरवाइजर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। ऐसा नहीं होने पर संबंधित लेडी सुपरवाइजर की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी केंद्रों में मॉर्निंग स्नैक्स एवं हॉट कुक्ड मील के लाभुकों की संख्या में समानता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही जिले में निर्माणाधीन मॉड्यूलर आंगनवाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी करने तथा गुणवत्ता के साथ बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। बैठक में विभागीय कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।