और से मंगलवार को माले जिला कार्यालय टेंपल रोड ,पुराना बाजार में जननायक कॉमरेड चारू मजूमदार का 54वाँ शहादत दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया।कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने उनके क्रांतिकारी जीवन, संघर्ष और विचारों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की,गोष्ठी को संबोधित करते हुए भाकपा-माले के जिला सचिव कॉमरेड बिंदा पासवान ने कहा कि कॉमरेड चारू मजूमदार एक क्रांतिकारी योद्धा थे, उनका लक्ष्य व्यवस्था परिवर्तन करना, उन्होंने जमींदारी प्रथा के तथा उनके शोषण के खिलाफ किसानों को गोलबंद करके एक लंबी लड़ाई लड़ी, उन्होंने कहा कि आज भारत में भी फिर से मोदी सरकार एवं भाजपा सरकार के नेतृत्व में मजदूर एवं किसानों पर शोषण दमन और अत्याचार चरम सीमा पर है, इतना ही नहीं देश के भविष्य छात्र एवं नौजवान जिस रूप से आज भाजपा सरकार के तानाशाही के खिलाफ एवं शिक्षा व्यवस्था में निजीकरण एवं व्यवसायकरण के खिलाफ एवं विशेष सुधार हेतु जंतर मंतर पर संघर्ष के माध्यम से विशेषकर लाल झंडा के नेतृत्व में एवं आम युवा एवं छात्र मोदी सरकार को झुकाने का काम किया यह बधाई के पात्र है,उन्होंने कहा शहीदों के बताए हुए रास्ता जो सत्ता के बजाय व्यवस्था परिवर्तन के लड़ाई के लिए निरंतर संघर्ष करने कि आवाहन किया, है ,ने शोषण, अन्याय और सामंती व्यवस्था के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने मेहनतकश किसानों, मजदूरों, छात्रों और युवाओं को संगठित कर सामाजिक परिवर्तन की लड़ाई को नई दिशा दी,आज जब देश में बेरोजगारी, महंगाई, निजीकरण, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं, तब उनके संघर्ष और विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं,उन्होंने कहा कि भाकपा-माले जनता के अधिकारों, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत है,कॉमरेड चारू मजूमदार का शहादत दिवस केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि शोषण और अन्याय के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लेने का दिन है,कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जननायक कॉमरेड चारू मजूमदार के अधूरे सपनों को पूरा करने तथा गरीब, किसान, मजदूर और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया, कार्यक्रम मे मुख्य रूप से राज्य कमेटी सदस्य आनंदमयि पाल, सुभाष चटर्जी, विजय पासवान, राणा चट्टराज, कल्याण घोषाल, जगजीत बनर्जी, विश्वजीत राय, रामलाल दा, औरंगज़ेब खान, उमेश पासवान,बुटन सिंह ,जगदीश साव, राजेश बिरूवा, करण पासवान, गुड्डू रजक,सुभम पासवान, अमित पासवान आदि लोग शामिल थे।