विशाल धरना-प्रदर्शन के बाद डीआरएम ने ई-रिक्शा टोटो संघ की मांगों पर कार्रवाई का दिया आश्वासन

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एक सप्ताह के भीतर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की बात कही

धनबाद:रेलवे पार्किंग ठेकेदार द्वारा कथित मनमानी, अवैध वसूली, ई-रिक्शा चालकों के साथ दुर्व्यवहार तथा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में अव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था के विरोध में झारखंड ई-रिक्शा टोटो संघ द्वारा आज मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, धनबाद के समक्ष गुरूवार को विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। धरना में सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा टोटो चालक एवं संघ के पदाधिकारी शामिल हुए।

धरना-प्रदर्शन के दौरान ई-रिक्शा चालकों ने रेलवे पार्किंग ठेकेदार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए अवैध वसूली बंद करने, निर्धारित पार्किंग शुल्क लागू करने, वैध रसीद देने, दुर्व्यवहार पर रोक लगाने तथा ई-रिक्शा पार्किंग व्यवस्था को नियमित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे समय से चालक समुदाय को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन बार-बार शिकायत एवं ज्ञापन देने के बावजूद रेलवे प्रशासन द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

धरना के बाद मंडल रेल प्रबंधक, धनबाद द्वारा संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ गोलमेज वार्ता आयोजित की गई। वार्ता में संघ की ओर से रेलवे पार्किंग ठेकेदार द्वारा कथित अवैध वसूली, पार्किंग शुल्क की रसीद नहीं दिए जाने, निर्धारित दरों का पालन नहीं होने, यात्रियों को छोड़ने एवं लेने आने वाले ई-रिक्शाओं से शुल्क वसूली, स्टेशन क्षेत्र से होकर गुजरने वाले वाहनों से जबरन शुल्क लेने, पार्किंग कर्मियों के दुर्व्यवहार, पार्किंग स्थल की बदहाल स्थिति तथा ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन नहीं बनाए जाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया।

वार्ता के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने संघ की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया तथा कहा कि एक सप्ताह के भीतर पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ई-रिक्शा पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने एवं चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की बात भी कही।

वार्ता समाप्त होने के बाद संघ के संरक्षक बैभव सिन्हा ने सम्मेलन कक्ष के बाहर धरना स्थल पर प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों ई-रिक्शा चालकों को वार्ता की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आंदोलन की एकता और शक्ति के कारण रेलवे प्रशासन को चालक समुदाय की समस्याओं पर गंभीरता से संज्ञान लेना पड़ा है। डीआरएम द्वारा एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई के आश्वासन की जानकारी मिलते ही उपस्थित चालक साथियों में उत्साह फैल गया और सभी ने एकजुट होकर आंदोलन की सफलता पर खुशी व्यक्त की।

संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि यह धरना केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि ई-रिक्शा चालकों के सम्मान, आजीविका और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि चालक अब किसी भी प्रकार की मनमानी, धमकी, अवैध वसूली और अपमान को स्वीकार नहीं करेंगे।

संघ के संरक्षक बैभव सिन्हा ने कहा कि झारखंड ई-रिक्शा टोटो संघ ने हमेशा लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखी हैं। आज का विशाल प्रदर्शन यह स्पष्ट संदेश है कि यदि चालक समुदाय के साथ अन्याय होगा, तो संघ संगठित होकर उसका जवाब देगा।

मौके पर उपस्थित पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष मनोज सिंह ने कहा कि डीआरएम द्वारा दिए गए एक सप्ताह के आश्वासन का संघ सम्मान करता है, लेकिन यदि निर्धारित समय के भीतर दोषी पार्किंग ठेकेदार एवं संबंधित कर्मियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तथा ई-रिक्शा पार्किंग व्यवस्था को पारदर्शी और नियमित नहीं किया गया, तो संघ आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक रूप देगा।

संघ ने रेलवे प्रशासन से मांग की कि पार्किंग ठेकेदार की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए, निर्धारित शुल्क का पालन सुनिश्चित हो, प्रत्येक भुगतान पर वैध रसीद दी जाए, केवल यात्रियों को छोड़ने-लेने अथवा स्टेशन क्षेत्र से होकर गुजरने वाले ई-रिक्शाओं से जबरन शुल्क वसूली बंद हो, पार्किंग स्थल की सफाई एवं रखरखाव हो तथा ई-रिक्शा चालकों के लिए स्पष्ट एवं स्थायी पार्किंग व्यवस्था लागू की जाए।

धरना-प्रदर्शन में संघ के संरक्षक बैभव सिन्हा, अध्यक्ष अनिल यादव, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मनोज सिंह, संस्थापक मुन्ना कुशवाहा, शैलेश कुमार, राजू वर्मा, अमित साव, राजेश सिंह, राजेश राम, पवन साव, धर्मेंद्र कुमार, मासूम अली, गुलज़ार अहमद, विष्णु कुमार सहित बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक एवं संघ के सदस्य उपस्थित थे।

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