धनबाद:झारखंड एवं धनबाद के जाने-माने तबलावादक कौशिक दास को हाल ही में ऑल इंडिया रेडियो द्वारा ‘ए ग्रेड’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उनकी दीर्घकालीन साधना, योगदान और उत्कृष्ट प्रस्तुति का प्रमाण है।
कौशिक दास ने मात्र पाँच वर्ष की आयु से तबला शिक्षा की शुरुआत की थी। पिछले 33 वर्षों से वे ऑल इंडिया रेडियो एवं दूरदर्शन पर नियमित रूप से अपनी प्रस्तुतियाँ देते आ रहे हैं। उन्होंने प्रारंभिक दौर में पंडित महापुरुष मिश्र के शिष्यों अरूप दत्ता एवं विश्वजीत पाल से तबला की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद वे देश के विख्यात तबलावादक पद्मश्री पंडित कुमार बोस से उन्नत तालिम ले रहे हैं।
14 अप्रैल 1969 को धनबाद में जन्मे कौशिक दास ने देश के कई प्रतिष्ठित मंचों पर उल्लेखनीय प्रस्तुतियाँ दी हैं। वर्ष 1985 में भारतीय भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, 1987 में प्रतिष्ठित डोवर लेन म्यूजिक कॉन्फ्रेंस में उन्हें ‘सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2002 में मुंबई में सूर सिंगार संसद द्वारा उन्हें ‘तालमणि’ उपाधि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, 2002 एवं 2012 में शिलचर में आयोजित कार्यक्रमों में उन्हें अपने गुरुदेव पंडित कुमार बोस के साथ मंच साझा करने का अवसर प्राप्त हुआ।
कौशिक दास को आज भी कोलकाता सहित विभिन्न शहरों से तबला वादन के लिए आमंत्रित किया जाता है। उन्होंने केवल वाद्य संगीत ही नहीं, बल्कि गायन के क्षेत्र में भी विभिन्न मंचों पर अपनी प्रस्तुति देकर संगीत जगत में विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में वे दिल्ली पब्लिक स्कूल में संगीत शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
