झरिया विधानसभा क्षेत्र में महान समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। यह कार्यक्रम मदन राम के आवासीय कार्यालय में आयोजित हुआ, जहां उनके चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।
इस अवसर पर मदन राम ने ज्योतिराव फुले के जीवन और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 1848 में लड़कियों के लिए देश का पहला स्कूल खोलकर समाज में शिक्षा की नई अलख जगाई। उन्होंने जाति-प्रथा, छुआछूत और अन्य सामाजिक कुरीतियों का डटकर विरोध किया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना कर फुले जी ने समाज में समानता और न्याय का संदेश दिया। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक गुलामगिरी में सामाजिक अन्याय और भेदभाव के खिलाफ सशक्त विचार प्रस्तुत किए गए हैं।
मदन राम ने कहा कि ज्योतिराव फुले ने विधवा विवाह, महिला शिक्षा और महिला अधिकारों के लिए अहम कार्य किए। उन्होंने बाल विवाह, सती प्रथा और छुआछूत जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और दलितों तथा महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मदन राम, जितेंद्र पासवान, मनीष कुमार, अनवर अंसारी, अशोक हरि सहब, शेख, गोवर्धन यादव, महेंद्र कुमार और जसीम अंसारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
कुसुम न्यूज़ से कुमार की रिपोर्ट