Rahul Gandhi ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हाल में भले ही सार्वजनिक स्थानों पर चीनी CCTV कैमरों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई हो, लेकिन सरकारी इमारतों के अंदर अब भी ऐसे कैमरे लगे हुए हैं। इसके अलावा, प्रतिबंधित चीनी ऐप्स नए नामों के साथ फिर से सक्रिय हो रहे हैं और विदेशी AI प्लेटफॉर्म संवेदनशील डेटा प्रोसेस कर रहे हैं, जिस पर सरकार स्पष्ट जवाब देने से बच रही है।
उन्होंने बताया कि संसद में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय से इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया, लेकिन जवाब में ठोस जानकारी नहीं दी गई। यह नहीं बताया गया कि कैमरे किन देशों से आए हैं, उनमें से कितने सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं, कौन-कौन से विदेशी AI प्लेटफॉर्म सरकारी डेटा संभाल रहे हैं, और कौन से प्रतिबंधित ऐप्स नए नामों से चल रहे हैं।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि पहले सरकार खुद मान चुकी है कि लाखों चीनी कैमरे डेटा सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वर्तमान में लगे कैमरे सुरक्षित हैं या नहीं।
उनका आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर पारदर्शिता नहीं बरत रही और सच्चाई छिपाकर नागरिकों की सुरक्षा को जोखिम में डाल रही है।