धनबाद में स्वच्छता अभियान की वास्तविक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शहर के प्रमुख क्षेत्रों में गिने जाने वाले रेलवे स्टेशन के दक्षिणी छोर पर बनी सड़क की हालत बदतर हो चुकी है। यह सड़क न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि रोजाना आने-जाने वाले हजारों राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क पर जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे उठने वाली बदबू लोगों का चलना दूभर कर देती है।
सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान का प्रभाव यहां बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता। ऐसा प्रतीत होता है कि यह अभियान केवल कागजों या प्रचार-प्रसार तक ही सीमित रह गया है। जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है, जहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आती है। चाहे सर्दी हो, गर्मी या बरसात—हर मौसम में इस सड़क की स्थिति जस की तस बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल फोटो और वीडियो बनवाने तक ही सीमित रहते हैं, जबकि असल समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता।
स्थिति और भी चिंताजनक इसलिए है क्योंकि इस सड़क के पास एक स्कूल भी स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ने आते हैं। इन बच्चों को भी इसी गंदगी और बदबू के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जो उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने इस पर गहरी चिंता जताई है।
राहगीरों का कहना है कि वे मजबूरी में नाक और मुंह ढककर इस रास्ते से गुजरते हैं। यह दृश्य शहर की स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोलता है। लोगों का मानना है कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से अपील की है कि वे इस समस्या को गंभीरता से लें और नियमित सफाई सुनिश्चित करें। साथ ही कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके और शहर की छवि भी सुधर सके।