हज़ारीबाग (HAZARIBAGH):
झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने हज़ारीबाग स्थित संप्रेक्षण गृह (बाल सुधार गृह) और लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत का जायज़ा लिया। इस निरीक्षण के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन भी उनके साथ मौजूद रहे।
न्यायाधीश ने सबसे पहले संप्रेक्षण गृह का दौरा किया, जहाँ उन्होंने वहां रह रहे किशोर बंदियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, आवास व्यवस्था, शौचालय, बिजली आपूर्ति और सुरक्षा इंतज़ामों की गहन समीक्षा की। इसके अलावा किशोर न्याय बोर्ड, पुस्तकालय, चिकित्सा कक्ष, काउंसलिंग रूम और भोजनालय का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद जस्टिस प्रसाद ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
किशोरों की प्रस्तुति ने किया प्रभावित
संप्रेक्षण गृह में रह रहे बच्चों ने योग और व्यायाम का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर न्यायाधीश ने उनकी सराहना की और उनका उत्साह बढ़ाया।
इसके बाद जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद हज़ारीबाग सेंट्रल जेल पहुँचे, जहाँ उन्होंने महिला वार्ड और जेल अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कैदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की।
न्यायाधीश ने स्पष्ट रूप से कहा कि हर बंदी को अपने मुकदमे की स्थिति की पूरी जानकारी मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के माध्यम से प्रभावी, निःशुल्क और समयबद्ध कानूनी सहायता अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। इस क्रम में डालसा को अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश भी दिए गए।