धनबाद (DHANBAD): देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार से आई छात्राओं ने 18 दिसंबर 2025 से 23 दिसंबर 2025 तक आयोजित छः दिवसीय कार्यक्रम के बाद आगामी कार्यक्रम के लिए बस्ताकोल (धनसार), धनबाद के लिए प्रस्थान किया। आगमन और विदाई के समय उन्हें गायत्री मंत्रोच्चारण के साथ अक्षत-पुष्प और चन्दन टीका लगाकर स्वागत किया गया। सिन्दरी गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी रामप्रवेश भैया ने छात्राओं को गायत्री महाविज्ञान पुस्तक भेंट कर विदाई दी।
छात्राओं ने सिन्दरी, बलियापुर और रांगामाटी के स्कूलों में बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, समय प्रबंधन, वैज्ञानिक अध्यात्म, योग प्राणायाम और जीवन जीने की कला सिखाई। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे कुप्रवृत्तियों से दूर रहें, माता-पिता का सम्मान करें और सभी के साथ प्रेम और सद्भावना बनाए रखें।
इसके अलावा छात्राओं ने सिन्दरी बस्ती दुर्गा मंदिर, गायत्री प्रज्ञा पीठ, हरी मंदिर, जागृति जय माता दी मंदिर में गायत्री मंत्रोच्चारण और भजन-कीर्तन का आयोजन किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने हवन और दीप यज्ञ में भाग लेकर कार्यक्रम को गौरवान्वित किया।
छात्राओं ने पूजा-अर्चना और यज्ञ के दौरान पूज्य गुरुदेव एवं माँ गायत्री से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता की कामना की। कार्यक्रम की सफलता में ट्रस्टी आर. के. सिन्हा भैया, अशोक जी, रंजन जी, संगीता दी सहित अन्य भाई-बहनों का योगदान महत्वपूर्ण रहा।
इस छः दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ने सिन्दरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक चेतना, आपसी एकता और सद्भावना को मजबूत किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में आध्यात्मिक जुड़ाव और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं।