केंद्र और राज्य सरकार पारंपरिक कुम्हारों की कला को प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक सहायता दें: दिलीप सिंह
मंगलवार 14 अक्टूबर को युवा संघर्ष मोर्चा (जनवादी ) ने कुम्हारपट्टी (दुहाटांड )में स्थानीय कामगार कुम्हारो को अंगवस्त्र देकर सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के केंद्रीय संयोजक दिलीप सिंह ने किया।दीया एवं अन्य मिट्टी के साज – सज्जा के सामान बनाने वाले कामगार कुम्हार कारीगरो में जितन पंडित, ब्रह्मदेव पंडित, लालू पंडित, मथुरा पंडित, कैलाश पंडित, मीणा देवी, ननकी देवी को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर दिलीप सिंह ने कहा कि देश मे सांस्कृतिक परम्परिक कला को संरक्षित करने की आवश्यकता है। केंद्र और राज्य सरकार प्राम्परिक कुम्हारो की कला को प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक सहयता दे। देश मे स्वदेशी को अपनाते हुए दीपवाली मे सिर्फ कुम्हार के दीये से घर एवं प्रतिष्ठान को सुसज्जित करके लोग कुम्हारो की परम्परिक कला को पुनरजीवित कर सकते है। संगठन के प्रवक्ता पप्पू सिंह ने कहा कि हमारे पूर्वजो ने मिट्टी के दीये को शुरू से दीपवाली में शुभ मानते हुए कुम्हारो की कला को प्रश्रय दिया लेकिन वर्तमान मे आधुनिकता के चकाचौध में लोग चायनिस झालर और लाइटो का उपयोग करने लगे है.हमें परम्परिक दीया दीपवाली की तरफ लौटना होगा।युवा संघर्ष मोर्चा कोष का गठन करके आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके कामगार कुम्हारो की मदद करेगा।कुम्हारो के दीपक एवं कला हमारी सांस्कृतिक धरोहर जिन्हे सब मिलकर ही संरक्षित और पुनरजीवित कर सकते है। लोगो को हरेक दिवाली सज्जा स्थानीय दीपक जलाकर ही मनानी चाहिए।
इस अवसर पर युवा संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय संयोजक दिलीप सिंह, प्रवक्ता पप्पू सिंह, सोनी सिंह सरदार,बड़े महतो, वीरेंदर कुमार सोनकर, अरुण पंडित, मुकेश सोनी, विजय साव, सनी सिंह, बुचून यादव, निर्भय सिन्हा, राजा तिवारी, रवि साव, मिंटू साव आदि उपस्थित थे