अनावश्यक अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) के मामले |
धनबाद: 12.08.25
अलार्म चेन पुलिंग (ACP) भारतीय रेलवे में आपातकालीन स्थिति में ट्रेन रोकने की सुविधा है, लेकिन इसका अत्यधिक दुरुपयोग एक गंभीर समस्या बन गया है। कई यात्री देर से आने वाले लोगों को चढ़ाने, बीच रास्ते में अपने गाँव या घर के पास उतरने या अनावश्यक रूप से चेन खींच देते हैं, जिससे ट्रेनों के परिचालन में अनावश्यक विलम्ब एवं अन्य ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होता है। अनावश्यक रुकावट के दौरान ट्रेन सुनसान या असुरक्षित स्थान पर रुक सकती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा होता है और अपराध की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा ईंधन की बर्बादी, संचालन लागत में वृद्धि और पूरे नेटवर्क की समयबद्धता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस दुरुपयोग को रोकने के लिए भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के तहत दोषियों पर ₹1,000 तक का जुर्माना या एक वर्ष तक का कारावास या दोनों दंड का प्रावधान है। रेलवे द्वारा CCTV निगरानी, जागरूकता अभियान, दोषियों की पहचान और त्वरित कानूनी कार्रवाई जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं, ताकि इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके। माह जुलाई-2025 में विशेष अभियान के तहत अनावश्यक अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) के मामले में 123 गिरफ्तारियां की गईं।
माह अलार्म चेन पुलिंग (ACP)
मामले गिरफ्तारी जुर्माना राशि
जुलाई 121 123 58100
अगस्त
(01.08.25-11.08.25) 46 45 20100
