सिंदरी में श्रद्धा के साथ मनाया गया जितिया व्रत, महिलाओं ने मंदिरों में सुनी कथा

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धनबाद के सिंदरी में संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर महिलाओं ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ जितिया व्रत रखा। इस अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना करने और व्रत कथा सुनने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

जितिया या जिउतिया व्रत माताएं अपनी संतान के सुखद, स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना के लिए रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत किया जाता है। इस दौरान व्रती महिलाएं निर्जला उपवास रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं।

सिंदरी में भी व्रत को लेकर महिलाओं में खास उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने सोलह शृंगार कर बरियार के पौधे की पूजा की और श्रद्धापूर्वक जितिया व्रत की कथा सुनी।

शहरपुरा शिव मंदिर, रांगा माटी मंदिर, रांगा माटी छठ तालाब स्थित मंदिर, मनोहरटांड़ शिव मंदिर, डोमगढ़ शिव मंदिर, एसीसी मंदिर, आरएमके-4 शिव मंदिर और रोड़ा बांध शिव मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में महिलाओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की।

इस दौरान मंदिरों में भक्तिमय माहौल बना रहा और महिलाओं ने सामूहिक रूप से व्रत कथा सुनकर अपनी संतान की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना की।

आपको बता दें कि जितिया व्रत बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कई क्षेत्रों में विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ मां और संतान के बीच प्रेम, समर्पण और भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक माना जाता है।

परंपरा के अनुसार, अगले दिन नवमी तिथि को दान-पुण्य करने के बाद व्रती महिलाएं व्रत का पारण करती हैं। इस दौरान जिउतिया माला धारण करने की भी परंपरा है।

फिलहाल, सिंदरी में महिलाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जितिया पर्व मनाते हुए अपनी संतान के सुखद, स्वस्थ और मंगलमय भविष्य की कामना की।

कुसुम न्यूज़ से सुंदर कुमार की खबर

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