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झरिया-बेलगड़िया टाउनशिप के आवासों की स्थिति पर उठे सवाल, दीवारों का प्लास्टर उखड़ने और सरिया निकलने की तस्वीरें सामने आने का दावा

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धनबाद: अग्नि और भू-धंसान से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए विकसित झरिया-बेलगड़िया टाउनशिप के कुछ आवासों की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंताएं सामने आ रही हैं। सामने आई तस्वीरों में कुछ क्वार्टरों की दीवारों का प्लास्टर उखड़ा हुआ और कई जगह सरिया बाहर निकला दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस तरह की स्थिति कुछ अन्य आवासों में भी देखने को मिल रही है।

निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ क्वार्टरों में छज्जों और दीवारों की ऊपरी परत कमजोर होकर टूट रही है। उनका आरोप है कि कई आवासों के निर्माण और रखरखाव में खामियां हैं। बताया जाता है कि वर्ष 2025 में भी बेलगड़िया में छज्जे से कंक्रीट के टुकड़े गिरने और छत से सरिया निकलने जैसी शिकायतें सामने आई थीं।

3,737 आवासों के नवीनीकरण का कार्य

बेलगड़िया के आवासों की स्थिति में सुधार लाने के लिए JRDA और प्रशासन की ओर से मरम्मत एवं नवीनीकरण का काम कराया जा रहा है। अप्रैल और सितंबर 2026 की समीक्षाओं में फेज-1, 2 और 3 के कुल 3,737 आवासों के नवीनीकरण का उल्लेख किया गया था।

इस कार्य के तहत रूफ ट्रीटमेंट और वाटरप्रूफिंग, टाइल्स लगाने, पेंटिंग, कंसील्ड वायरिंग और पीवीसी वाटर टैंक सहित कई काम शामिल हैं। इन कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए IIT-ISM का सहयोग लेने की बात भी सामने आई है।

तस्वीरें सामने आने के बाद तकनीकी जांच पर टिकी नजरें

आवासों की जर्जर स्थिति से जुड़ी तस्वीरें सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि नवीनीकरण के साथ-साथ भवनों की संरचनात्मक मजबूती की तकनीकी जांच कितनी व्यापक स्तर पर की जा रही है।

यदि किसी आवास में निर्माण या रखरखाव से संबंधित खामियां पाई जाती हैं, तो उनकी जिम्मेदारी तय करने के साथ ही स्थायी समाधान निकालना भी जरूरी होगा।

बेलगड़िया में रह रहे विस्थापित परिवारों के लिए सुरक्षित और मजबूत आवास बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में आवासों की मौजूदा स्थिति और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पुनर्वास व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा एक अहम मुद्दा बन गया है।

कुसुम न्यूज़ से सुंदर कुमार की खबर

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