1.1 किलोग्राम वजन के नवजात को मिला नया जीवन

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11 दिनों के सफल उपचार के बाद एमएनसीयू से हुआ डिस्चार्ज

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन के निर्देशानुसार धनबाद जिला प्रशासन द्वारा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल की दिशा में किया जा रहा प्रयास रंग ला रहा है।

इसी क्रम में मातृ एवं नवजात शिशु देखभाल इकाई (एमएनसीयू) में 11 दिनों के गहन और विशेषज्ञ उपचार के उपरांत टुंडी प्रखंड के परशाटांड के नीता कुमारी और अशोक रविदास के अत्यंत कम वजन वाले नवजात को पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद आज सफलतापूर्वक डिस्चार्ज किया गया।

एमएनसीयू के प्रभारी डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि जन्म के समय नवजात का वजन मात्र 1.1 किलोग्राम था तथा वह मां का दूध स्वीकार करने में पूरी तरह असमर्थ था। एमएनसीयू के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में नवजात को आवश्यक सहायक चिकित्सा और नियमित कंगारू मदर केयर दिया गया।

जिसके बाद डॉ नौशाद अली खान, डॉ अजहर, डॉ पल्लवी, डॉ विश्वजीत तथा सिस्टर इंचार्ज उमा कुमारी के नेतृत्व में 11 दिनों के निरंतर इलाज के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। नवजात अब सामान्य रूप से फीड ले रहा है और उसका वजन भी बढ़ना शुरू हो गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण और नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्यरत है। स्वास्थ्य मंत्री श्री इरफान अंसारी के मार्गदर्शन में राज्य भर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के बुनियादी ढांचे को सशक्त किया गया है, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिल रहा है।

वहीं उपायुक्त श्री आदित्य रंजन के कड़े निर्देशों और सतत निगरानी में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक व संवेदनशील बनाया गया है। उपायुक्त के मार्गदर्शन में सदर अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में शून्य लागत पर उच्चस्तरीय चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गंभीर मामलों में भी नवजातों और माताओं की जान बचाना संभव हो पा रहा है।

परिजनों ने नवजात को नया जीवन मिलने पर झारखंड सरकार, धनबाद जिला प्रशासन एवं अस्पताल की पूरी मेडिकल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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