डीएमसी मॉल में दो दिवसीय ‘शिल्पोत्सव’ का उद्घाटन

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जिले की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने का अवसर है शिल्पोत्सव – उपायुक्त

जीआइ टैग्ड केसरिया कलाकंद, रागी लड्डू सहित सभी स्टॉल्स आकर्षण का केन्द्र

स्थानिय कला, हस्तशिल्प और संस्कृति को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से धनबाद जिला प्रशासन की ओर से रविवार को डीएमसी मॉल, बैंक मोड़ में दो दिवसीय ‘शिल्पोत्सव’ का उद्घाटन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज तथा नगर आयुक्त श्री आशिष गंगवार ने संयुक्त रूप से फीता काट कर किया।

‘शिल्पोत्सव’ में जीआइ टैग्ड केसरिया कलाकंद, रागी लड्डू, फेस मोल्ड आर्ट (मुखौटा निर्माण), जुट बैग, जुट क्राफ्ट, हैंडमेड बास्केट, वुडन आर्ट, मसाला प्रोडक्ट, कैंडी, नमकीन, स्वीट, बेकरी, अगरबत्ती, पूजा सामग्री, पेंटिंग, मेटल क्राफ्ट, सोहराई पेंटिंग, डेकोरेटिव कैंडल, सजावटी मोमबत्ती, टेराकोटा, एप्लिक और बैग, जुट और बांस से बने सुंदर उपयोगी और पर्यवरण अनुकूल उत्पाद, घर पर ऑर्गेनिक और शुद्ध तरीके से बने आचार, लाह की चूड़ियां, क्रोशिया वर्क, रागी से बने लड्डू, रागी निमकी, रागी कुरकुरे, रागी मिक्सचर, रागी आंटा, रागी बिस्किट, मिथिला काज, राखियां, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय बगुला की विद्यार्थियों द्वारा निर्मित राखी एवं केला पत्ते से बनी पूजा प्लेट, गांधी बालिका विद्यालय गोविंदपुर‌ सहित सभी 51 स्टॉल्स लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहे।

उद्घाटन करने के बाद उपायुक्त सहित सभी पदाधिकारियों ने हर स्टॉल का अवलोकन किया। उनके कार्य की सराहना करते हुए प्रोत्साहित किया।

उपायुक्त ने कहा यह कार्यक्रम ग्रामीण कला, शिल्प और स्थानीय संस्कृति का एक भव्य संगम है। यहाँ आम जनता को राज्य व जिले की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने तथा हस्तशिल्प उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी देखने और खरीदारी का सुनहरा अवसर मिलेगा। इसमें स्थानीय शिल्पकारों द्वारा कलाकृतियों के निर्माण का सीधा प्रदर्शन (लाइव डेमो) तथा उनसे कला सीखने का मौका भी मिलेगा।

कहा कि आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण शिल्पकारों एवं माटी कलाकारों को मंच प्रदान कर उनका प्रोत्साहन करना तथा धनबाद वासियों को उनके द्वारा आकर्षक हस्तनिर्मित उत्पादों को खरीदने एवं स्थानीय कारीगरों को सहयोग देना है।

उपायुक्त ने समस्त धनबाद वासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में डीएमसी मॉल पहुँचकर इस शिल्पोत्सव में भाग लें, स्थानीय शिल्पकारों का सहयोग करें और अपनी संस्कृति से जुड़ें।

उपायुक्त ने कहा कि इन शिल्पकारों के उत्पाद को प्रमोट करने के लिए उनको स्थायी मार्केट उपलब्ध कराने का जिला प्रशासन प्रयास करेगा। कहा कि तामम स्टोलों का जयजा लिया। जिसमें सबसे आकर्षक शिल्पकारों की मेहनत लगी। सभी की मेहनत काबिले तारीफ है।

मौके पर अनुमंडल दंडाधिकारी श्री लोकेश बारंगे, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर श्री अरविंद कुमार ओझा, जेएसएलपीएस के डीपीएम श्री सुदिप्ता बनर्जी, अंचल अधिकारी बलियापुर श्री मुरारी नायक, जीएम डीआइसी श्री संजीत कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री अभिषेक झा, श्री आदित्य चौधरी, डीएमएफटी टीम लीडर श्री शैलेश तिवारी, श्री अमर कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती निलू कुमारी सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।

कुसुम न्यूज़ से कुमार की रिपोर्ट

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