धनबाद :सामाजिक संगठन मानव अधिकार प्रोटेक्शन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वालों में प्रदेश महासचिव मुख्तार अहमद, झारखंड प्रदेश प्रभारी सुदीष्ठ कुमार, महिला प्रदेश अध्यक्ष गीता सिंह तथा झारखंड प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरेश यादव शामिल हैं।
सभी पदाधिकारियों ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर अपने इस्तीफे की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से संगठन के साथ जुड़कर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे थे। संगठन के विस्तार, नए सदस्यों को जोड़ने तथा विभिन्न सामाजिक गतिविधियों को सफल बनाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था के बैनर तले उन्होंने जरूरतमंद लोगों की सहायता, जनहित के मुद्दों को उठाने तथा सामाजिक जागरूकता फैलाने का कार्य लगातार किया। समय-समय पर आयोजित सामाजिक कार्यक्रमों और जनसेवा से जुड़े अभियानों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके बावजूद संगठन की ओर से अपेक्षित सहयोग और समन्वय नहीं मिल पा रहा था।
उन्होंने बताया कि कई बार संगठन की आंतरिक समस्याओं और कार्य संचालन से जुड़े मुद्दों को शीर्ष नेतृत्व के समक्ष रखा गया, लेकिन उन समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। इससे कार्य करने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। संगठन के प्रति सम्मान बनाए रखते हुए उन्होंने अपने पदों से अलग होने का निर्णय लिया है।
प्रेस वार्ता के दौरान पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि संगठनात्मक परिस्थितियों के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे समाज सेवा और जनहित के कार्यों से जुड़े रहेंगे तथा लोगों के बीच कार्य करते रहेंगे।
सामूहिक इस्तीफे की इस घटना के बाद संगठन के भीतर हलचल तेज हो गई है। वहीं सामाजिक और संगठनात्मक क्षेत्रों में भी इस निर्णय को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अब सभी की नजर संगठन के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति पर टिकी हुई है।