धनबाद /भौरा :विधवा बहू को बेटी मानकर उसका पुनर्विवाह कराना और पिता या माँ की तरह उसका कन्यादान करना आधुनिक भारतीय समाज में रूढ़िवादिता को तोड़ने वाली एक बेहद सराहनीय और प्रेरणादायक पहल है।पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ सास-ससुर ने समाज की परवाह किए बिना अपनी बहू को नई जिंदगी दी है। इसी का एक उदाहरण धनबाद के भौरा के रहने वाले मनोज हाड़ी नामक व्यक्ति ने
अपने बेटे की मृत्यु के बाद अपनी विधवा बहू दीपा देवी को बेटी का दर्जा दिया और खुद आगे बढ़कर उसका कन्यादान किया। इसकी सराहना हाड़ी जाति समाज सुधार समिति के कार्यकारी अध्यक्ष सह कांग्रेसी नेता कार्तिक हाड़ी समेत संस्था के अन्य पदाधिकारीओं ने की।