पीएमफमएमई की प्रगति पर डीडीसी ने प्रकट किया असंतोष

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केसीसी के आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश

उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय परामर्शदात्री/समीक्षा समिति की दिसम्बर तिमाही की बैठक आयोजित की गई।

इस दौरान पीएमफमएमई के अंतर्गत बैंकों के प्रगति की समीक्षा की गयी। उन्होंने इसे अत्यंत असंतोषजनक बताया। वहीं महाप्रबंधक, जिला उधोग केंद्र ने बताया कि कई बार बैंको के साथ बैठक करने के बावजूद इस योजना में अपेक्षित प्रगति नही हो रही है। इस पर उन्होंने संज्ञान लेकर सभी बैंको को निर्देशित किया कि चूँकि यह भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है अत: इस पर विशेष ध्यान दें एवं लंबित आवेदनों को इस वित्तीय वर्ष में निष्पादित करें ‌

वहीं केसीसी की समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि आवेदनों की स्वीकृति एवं भुगतान में काफी अंतर है। उन्होंने सभी बैंको को इस अंतर को एक सप्ताह के भीतर शून्य करने तथा सभी लंबित आवेदनों को अतिशीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया।

जबकि एसएचजी की समीक्षा के दौरान पाया कि एसएचजी के अंतर्गत मुद्रा आवेदन निष्पादित करने में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक एवं पंजाब नेशनल बैंक कि स्थिति काफी असंतोषजनक है। उन्होंने उनको सुधार लाने का निर्देश दिया।

बैठक के समापन से पहले डीडीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में बैंकिंग सेवाओं का दायरा बढ़ाया जाए। वित्तीय समावेशन को गति दे और सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुँचाने का प्रयास करें। बैंकों एवं विभागों से आपसी समन्वय और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की।

बैठक में एलडीएम ने बताया कि वार्षिक ऋण योजना के तहत धनबाद जिले की दिसम्बर तिमाही की उपलब्धि 98.18% रही। जिन बैंको की उपलब्धि प्राथमिकता क्षेत्र ऋण में 75% से कम थी उन्हें इसमें अपेक्षित बढ़ोतरी का निर्देश दिया गया। यूको बैंक को एमएसएमई क्षेत्र में वित्तपोषण बढ़ाने का निर्देश दिया। फेडरल बैंक, जना बैंक एवं बंधन बैंक ने आश्वस्त किया कि वे अगले तिमाही (मार्च 26) तक प्राथमिकता क्षेत्र ऋण में क्रमशः 50%, 61% एवं 75% की उपलब्धि प्राप्त कर लेंगे।

अग्रणी जिला प्रबंधक ने बताया की दिसम्बर तिमाही तक जिले का ऋण जमा अनुपात 45.74% रहा। इसमें यूको बैंक का 11.79% एवं धनबाद सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक का 11.49% रहने पर लीड डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर, भारतीय रिज़र्व बैंक ने बढ़ोतरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी बैंकों का ऋण जमा अनुपात कम से कम 40 प्रतिशत अवश्य होना चाहिए।

बैठक में लीड डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर, भारतीय रिज़र्व बैंक, श्री सन्नी श्रीवास्तव; अग्रणी जिला प्रबंधक श्री अमित कुमार, महाप्रबंधक जिला उधोग केंद्र श्री राजेंद्र प्रसाद; जिला कृषि पदाधिकारी श्री अभिषेक मिश्रा, जिला पशुपालन पदाधिकारी, माननीय सांसद धनबाद के प्रतिनिधि श्री नकुल कुमार साहू, माननीय विधायक धनबाद के प्रतिनिधि श्री रवि सिंह, माननीय विधायक टुंडी के प्रतिनिधि श्री जगदीश कुमार चौधरी एवं माननीय विधायक सिंदरी के प्रतिनिधि तथा जिले के विभिन्न पदाधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित थे।

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