प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के अंतर्गत लाभान्वित परिवारों की संख्या वर्ष 2025 में बढ़कर 10.25 करोड़ तक पहुँच गई है। यह जानकारी शुक्रवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से साझा की गई।
योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी दी जाती है। एक परिवार वर्ष में अधिकतम नौ सिलेंडरों पर इस सब्सिडी का लाभ उठा सकता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पीएमयूवाई के प्रभाव से देश में एलपीजी उपयोग में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। वित्त वर्ष 2019-20 में जहां प्रति परिवार औसतन 3 सिलेंडर की खपत थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 4.47 सिलेंडर हो गई है। सरकार का अनुमान है कि 2025-26 में यह औसत खपत 4.85 सिलेंडर प्रति परिवार तक पहुँच सकती है।
अधिक से अधिक परिवारों तक स्वच्छ ईंधन पहुँचाने के उद्देश्य से सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 25 लाख नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने की स्वीकृति दी है। साथ ही, आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को तेज कर सब्सिडी वितरण को अधिक लक्षित और पारदर्शी बनाया गया है।
सरकार ने बताया कि 1 दिसंबर 2025 तक बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए पीएमयूवाई के 71 प्रतिशत और गैर-पीएमयूवाई के 62 प्रतिशत उपभोक्ताओं को कवर किया जा चुका है। इसके अलावा, देशभर में चलाए गए ‘बेसिक सेफ्टी चेक’ अभियान के तहत उपभोक्ताओं के घरों में 12.12 करोड़ से अधिक मुफ्त सुरक्षा जांच की गई, जबकि 4.65 करोड़ से ज्यादा एलपीजी होज रियायती दरों पर बदले गए। इससे घरेलू गैस उपयोग में सुरक्षा और जागरूकता दोनों में सुधार हुआ है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन वितरण से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया है। देशभर में 90 हजार से अधिक पेट्रोल रिटेल आउटलेट्स को डिजिटल भुगतान सुविधा से जोड़ा गया है, जिन्हें 2.71 लाख से अधिक पीओएस मशीनों का सहयोग मिला है। वहीं, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क का विस्तार कर इसे 307 भौगोलिक क्षेत्रों तक पहुँचाया गया है। सितंबर 2025 तक पीएनजी घरेलू कनेक्शनों की संख्या 1.57 करोड़ और सीएनजी स्टेशनों की संख्या 8,400 से अधिक हो चुकी है।