बिहार (BIHAR):
बिहार पुलिस प्रशासन में व्यापक स्तर पर बदलाव करते हुए गृह विभाग ने 43 आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। विभाग के अनुसार, सभी प्रमोशन 1 जनवरी 2026 या संबंधित अधिकारी द्वारा पदभार ग्रहण करने की तिथि से लागू होंगे।
सबसे महत्वपूर्ण फैसले के तहत पुलिस मुख्यालय में अपर पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन को पुलिस महानिदेशक (डीजी) कोटि में प्रोन्नत किया गया है। प्रशासनिक और फील्ड अनुभव के कारण उनकी पदोन्नति को पुलिस मुख्यालय के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
आठ डीआईजी बने आईजी
गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, कुल आठ पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के पद पर पदोन्नति दी गई है।
इनमें 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार, संजय कुमार, विवेकानंद और विकास बर्मन शामिल हैं, जिन्हें डीआईजी से आईजी बनाया गया है।
वहीं उपेन्द्र कुमार शर्मा, सत्यीवर सिंह, किम और नताशा गुड़िया को सशर्त रूप से आईजी पद पर प्रोन्नति दी गई है। इन अधिकारियों को मिड-करियर ट्रेनिंग फेज-चार के तहत आवश्यक प्रशिक्षण पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
22 आईपीएस अधिकारी डीआईजी रैंक में पदोन्नत
सबसे अधिक पदोन्नति 2012 बैच के अधिकारियों को मिली है। प्रवर कोटि में कार्यरत 22 आईपीएस अधिकारियों को डीआईजी रैंक में प्रोन्नति दी गई है।
इस सूची में अवकाश कुमार, आनंद कुमार, कुमार आशीष, रविरंजन कुमार, दीपक रंजन, डॉ. इनामुल हक मेंगनू, आमिर जावेद, अशोक कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, राजीव रंजन (1), राकेश कुमार सिन्हा, अजय कुमार पांडेय, नीरज कुमार सिंह, सुशांत कुमार सरोज, राजीव रंजन (2), रमन कुमार चौधरी, मनोज कुमार तिवारी, शैलेश कुमार सिन्हा, सत्यनारायण कुमार, रमाशंकर राय, सुशील कुमार और दिलनवाज अहमद शामिल हैं।
2013 बैच के अधिकारियों को प्रवर कोटि
इसके अलावा 2013 बैच के 12 कनीय प्रशासनिक कोटि के आईपीएस अधिकारियों को प्रवर कोटि में पदोन्नति दी गई है। इनमें मनीष, जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी, विशाल शर्मा, उपेन्द्र नाथ वर्मा, गौरव मंगला, डी. अमरकेश, राकेश कुमार, बीना कुमारी, मो. सैफुर्रहमान, राजेश कुमार, पंकज कुमार और अशोक कुमार प्रसाद के नाम शामिल हैं।
गृह विभाग के इस निर्णय से पुलिस महकमे में नया नेतृत्व ढांचा तैयार होगा। माना जा रहा है कि इन पदोन्नतियों से कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक समन्वय को और मजबूती मिलेगी।