हरियाणा (HARYANA): हरियाणा के जींद जिले के ढाणी भोजराज गांव में इन दिनों जश्न और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। करीब 19 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद संजय और सुनीता के घर बेटे का जन्म हुआ है। इससे पहले उनके परिवार में दस बेटियां हैं, जिनकी किलकारियों से यह घर हमेशा गुलजार रहा।
सुनीता ने अपनी 11वीं संतान को जन्म दिया है। इस दौरान उनकी सेहत को लेकर जोखिम भी था, क्योंकि शरीर में खून की भारी कमी पाई गई थी। बावजूद इसके, उचाना स्थित एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में सामान्य प्रसव सफलतापूर्वक कराया गया और नवजात बेटे ने सुरक्षित रूप से दुनिया में कदम रखा।
परिवार ने बेटे का नाम दिलखुश रखा है, जो इस खुशी के पल को बयां करता है। आर्थिक तंगी और रोज़गार की चुनौतियों के बीच संजय ने कभी अपनी बेटियों में भेदभाव नहीं किया। मेहनत-मजदूरी कर उन्होंने सभी बेटियों की परवरिश की और उन्हें शिक्षा दिलाई। आज भी संजय का साफ कहना है कि बेटियां किसी भी मायने में कम नहीं होतीं।
बेटे के जन्म की खबर मिलते ही अस्पताल में मिठाइयां बांटी गईं, खुशी के आंसू छलक पड़े और परिवार के चेहरों पर सुकून भरी मुस्कान दिखाई दी। यह पल उनके संघर्ष और धैर्य की एक भावुक कहानी बन गया।