फाइलेरिया उन्मूलन के लिए निजी विद्यालयों के साथ उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन

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फाईलेरिया उन्मूलन कार्यकम के तहत आज सभी निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक, प्राचार्य के लिए एक दिवसीय उन्मूखीकरण कार्यशाला का आयोजन सदर अस्पताल के प्रशिक्षण कक्ष में किया गया।

इस अवसर पर जिला वीबीडी पदाधिकारी, डॉ सुनील कुमार ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यकम की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ अभिषेक पॉल, राज्य समन्वयक ने पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फाईलेरिया गन्दे पानी में पनपने वाली सबसे अधिक आबादी वाले संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से एक अपंगता पैदा करने वाली द्वितीय सबसे बड़ी लाईलाज बिमारी है। जिसकी वजह से हाथ, पांव (हाथीपांव) का फूलना और हाइड्रोशील होता है।

बताया कि इस सर्वजन दवा सेवन अभियान में वर्ष में एक बार डीईसी एवं अल्बेण्डाजोल दवा का एकल खुराक सेवन कराकर फाईलेरिया पर नियंत्रण पाया जा सकता है। दवा सेवन के माइक्रो फाईलेरिया को समुदाय में फैलने से रोका जा सकता हैं और अन्य स्वस्थ्य व्यक्तियों को इसके संक्रमण से बचाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि दिनांक 10.02.2026 को दवा प्रशासकों के माध्यम से स्थापित बुथ के माध्यम से दवा खिलायी गई। इसके पश्चात् छुटी हुई शोष आबादी को 11.02.2026 से 25.02.2026 तक घर-घर जाकर दवा सेवन कराया जा रहा है। एक दिन में दवा प्रशासक द्वारा 20-25 घरों में उपसिथत जन मानस को अपने सामने दवा का सेवन कराया जा रहा है। फार्ईलेरिया उन्मूलन लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शत-प्रतिशत लक्षित आबादी द्वारा दवा सेवन अनिवार्य है।

साथ ही बताया कि डीईसी एवं एलबेण्डाजोल सुरक्षित दवा है। फिर भी एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्मवती महिलाओं एवं गम्भीर रूप से वीमार व्यक्ति को यह दवा नही दी जायेगी। साथ ही खाली पेट दवा का सेवन नहीं किया जाना है।

बताया कि इस कार्यकम को सफल बनाने के लिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन एवं पिरामल फाउंडेशन का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है।

जिला वीबीडी सलाहकार, श्री रमेश कुमार सिंह ने फाईलेरिया की स्थिति से समी शिक्षकों को अवगत कराया। वहीं सभी शिक्षकों ने कार्यकम में पूर्ण सहयोग का आशवासन दिया।

बैठक में डीएवी विद्यालय, सर्वोदया पब्लिक स्कूल, धनबाद पब्लिक स्कूल (केजी आश्रम), धनबाद पब्लिक स्कल हीरक ब्रॉच, डीनोवेली पब्लिक स्कूल, आर्दश सरस्वती विद्या मंदिर आदि सहित 50 से अधिक विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित हुए।

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